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全国粮食品牌建设工作推进会在吉林召开_我的网站

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A |     डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। गत बुधवार से टैरिफ की नई दरें लागू हो गई हैं। इस बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत-पाक विवाद में मध्यस्थता की अनुमति न मिलने से ट्रंप नाराज थे। इसी कारण उन्होंने भारत पर टैरिफ लगाया।,दरअसल, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी जेफरीज की हाल में आई एक रिपोर्ट में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत-पाकिस्तान विवाद में मध्यस्थता की अनुमति न दिए जाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम है। हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर वह टैरिफ लगा रहे हैं।,

ट्रंप को थी काफी उम्मीद

जेफरीज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने मई में दोनों देशों के बीच चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के बाद हस्तक्षेप की उम्मीद की थी। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि शुल्क मुख्यतः अमेरिकी राष्ट्रपति की व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम है कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही कटुता को समाप्त करने में भूमिका निभाने की अनुमति नहीं दी गई।,

कृषि क्षेत्र भी है मुख्य वजह

रिपोर्ट में दूसरी भारत पर लगाए गए टैरिफ की सबसे बड़ी वजह कृषि क्षेत्र को बताया गया है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्तमान सरकार सहित कोई भी भारतीय सरकार, लाखों लोगों पर पड़ने वाले गंभीर परिणामों के कारण कृषि क्षेत्र को आयात के लिए खोलने को तैयार नहीं है।,जेफरीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 25 करोड़ किसान और संबंधित मज़दूर अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं, और यह क्षेत्र भारत के कार्यबल का लगभग 40 प्रतिशत है।

ट्रंप ने नहीं निभाया अपना वादा

जेफरीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत पर अब लगाए गए कठोर टैरिफ़ भी घटनाओं की एक व्यापक श्रृंखला से जुड़े हैं। बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन संघर्ष को अपने वादे के अनुसार समाप्त नहीं कर पाए हैं। वहीं, इसमें कहा गया कि इन सब के बीच भारत द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद वाशिंगटन में एक अतिरिक्त मुद्दा बन गई है।,गौरतलब है कि इस रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत पर लगाए गए टैरिफ का मूल कारण पाकिस्तान मामले में ट्रम्प के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अनुमति देने से भारत का इनकार है।

अमेरिका को भारी नुकसान की संभावना

जेफरीज की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत पर इस प्रकार से टैरिफ लगाने का नुकसान अमेरिका को उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट में चेताया गया कि अमेरिका का ये फैसला राष्ट्र के हितों के अनुरूप नहीं है। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि भारत को दूर धकेलने से वह चीन के और करीब आ सकता है। (समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ),यह भी पढ़ें: 'जैसे चूहा हाथी को मार रहा हो...', अमेरिकी अर्थशास्त्री ने भारत पर लगाए गए टैरिफ पर ट्रंप को सुनाई खरी-खरी यह भी पढ़ें: 'मैं राष्ट्रपति बनने को तैयार अगर...', अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्रंप को लेकर क्या कहा?。      8月19日下午,国家粮食和物资储备局在吉林省长春市召开全国粮食品牌建设工作推进会,深入贯彻习近平总书记关于国家粮食安全的重要论述和党中央、国务院决策部署,交流粮食品牌建设经验做法,进一步推进粮食品牌建设工作。国家发展和改革委员会党组成员,国家粮食和物资储备局党组书记、局长刘焕鑫出席会议并讲话,吉林省副省长刘伟出席会议并致辞,国家粮食和物资储备局党组成员、副局长秦玉云主持会议。国家发展改革委、财政部有关司局负责同志出席会议。202608201343511lsTep.png  会议指出,加强粮食品牌建设,是推动粮食产业转型升级的迫切需要,是推动粮食流通提质增效的有力抓手,是提升粮食供给水平的现实需要,是促进农民增收的有效途径。近年来,各地立足资源禀赋,强化政策与市场双轮驱动,精心培育打造优质粮食品牌;广大粮食企业在优品牌、提品质上持续加力,积极探索品牌发展新路径、新模式,取得了积极进展成效,形成了许多特色经验做法。  会议强调,粮食品牌建设是一项系统性工程。粮食和物资储备系统要立足职能、积极作为,补齐短板、强化弱项,放大优势、打造亮点,以粮食品牌建设推动粮食产业高质量发展,不断夯实国家粮食安全的产业基础。要加强统筹谋划,不断完善品牌体系。

B | 以市场需求为导向,结合区域资源禀赋、产业基础、消费特点等因素,坚持分类培育、梯次推进、集群发展,做强区域公用品牌、做大企业品牌、做优产品品牌。要坚持质量第一,夯实品牌品质基础。

C | 把安全、优质、绿色作为提升产品和服务质量、加强粮食品牌建设的基本支点,大力推进标准体系建设,全链条促进质量提升,大力推进标准体系建设,持续强化科技支撑。要强化项目牵引,增强品牌发展动力。坚持有效市场和有为政府相结合,组织实施好粮食流通提质增效项目,用足用好粮食领域“两新”政策,为粮食品牌建设提供有力支撑。要做好宣传推广,拓宽品牌发展空间。深化产销合作,加强多元推介,创新营销方式,依托实体化宣传场景打品牌、拓渠道、谈合作,通过柔性宣传方式讲好品牌故事、丰富品牌内涵。要注重协同联动,营造良好发展环境。加强与相关部门协同配合,主动靠前服务、强化品牌保护、加强政策支持,形成齐抓共管的工作格局。  会上,吉林、江苏、福建、山东、河南、湖北、广西、四川等8个省份粮食和物资储备局(粮食局),中粮集团就粮食品牌建设工作作了交流发言。中储粮集团、中国供销集团、中国中化、中国农发集团、北大荒集团、中国粮食行业协会、中国粮食商业协会等单位相关负责同志,各省、自治区、直辖市及新疆生产建设兵团粮食和物资储备局(粮食局),国家粮食和物资储备局相关司局单位、吉林局负责同志参加会议。

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Published on:20:21:25